Thursday, September 30, 2010

************* पाँच मिनटोंमें संगणकपर हिंदी सीखें

-- पाँच मिनटोंमें संगणकपर हिंदी सीखें -- Also read some policy related issues here
पांच मिनटोंमें सीखो कम्प्यूटर पर हिंदी लिखना

बच्चों, अब तो स्कूलोंमें संगणक (कम्प्यूटर) सिखाया जाने लगा और तुममेंसे कईयोंके घर में भी होगा। तो क्या तुम जानते हो कि संगणक पर हिंदी सीखने के लिये एक युक्ति है जिसमें केवल आधा घंटा पर्याप्त है। वह भी अंग्रेजी टंकन-ज्ञान पर निर्भरता के बिना। और अगर पूरी बात कहूँ तो हरेक भारतीय भाषा सीखनेकी यही युक्ति है।

इस युक्तिका नाम है इनस्क्रिप्ट की-लेआउट अर्थात् संगणकके की-बोर्ड या कुंजीपटलपर चलनेवाला एक विशिष्ट वर्णक्रम जो पहली कक्षामें पढे वर्णक्रम जैसा ही है। लेकिन इसे सीखनेसे पहले तुम्हें बस एक बार अपने संगणककी परीक्षा लेनी है कि वह इसे सरलतासे जानता है या उसे थोडी आरंभिक कठिनाई होनेवाली है। और अगर इसे सरलतासे नही आता हो तो तुम उसे  यह युक्ति सिखा सकते हो।
तो पहले संगणककी परीक्षा इस प्रकार --
Go to start --; setting -- control panel -- Regional and Language -- click
एक खिडकी खुलेगी जिसके ड्रॉप-डाउन मेन्यू पर लिखा होगा - ENG. मेन्यूमें संसारकी बीसियों भाषाएँ मिलेंगी, और यदि हिंदी भी मिल जाय तो समझो तुम्हारा संगणक परीक्षा पास हो गया। अब हिंदीको क्लिक करो और अप्लाय तथा ओके के बटन भी दबाओ।। ऐसा करते ही संगणकके सबसे नीचेवाली पट्टीपर (टास्क-बार पर) EN दीखने लगेगा और क्लिक करनेपर हिंदी का ऑप्शन भी मिलेगा।
यह काम केवल सबसे पहली बार करना है -- बारबार नही।
 यदि तुम्हारे संगणकपर विण्डोज ७ या विणअडोज १० या लीनक्स सिस्टम है तो यह काम एक मिनटमें हो जाना चाहिये।
अब पहले वर्ड फाईल खोलकर फिर हिन्दी का ऑप्शन ले आओ और कोई भी कुंजी दबाओ तो हिंदी अक्षर मिलेंगे।
तो अब तुम्हारा संगणक पास हो गया और तुम इनस्क्रिप्ट विधीसे हिंदी सीखना आरंभ कर सकते हो।














[यदि संगणकमें विण्डो 7 की बजाय थोडा पुराना विण्डो Xp हो तो संगणक पास होनेमें दिक्कत हो सकती है। उस हालत में मुझे ईमेल भेजकर पूछना --leena.mehendale@gmail.com]
यह चित्र देखो जिसमें इनस्क्रिप्ट ले-आऊट बताया गया है।
इस लेआऊटमें वर्णोंका क्रम वैसे ही चलता है जैसा हमने कक्षा एकमें पढा होता है -- अर्थात् कखगघ..., चछजझ..., या अआइईउऊ... । अतः कुंजियाँ खोजनेकी दिक्कत नही है, जो अंग्रेजी सीखनेमें है । साथही इसमें तमाम व्यंजन दायें और स्वरकी मात्राएँ बाँये हाथसे लगानेका चलन है, जिससे अपनेआप एक लयसी बँध जाती है और थोडीही प्रॅक्टिसमें टंकनका काम तुम शीघ्र गतिसे कर सकते हो।

अब चिन्ता छोडो की तुम्हारे कुंजीपटलपर हिंदी स्टिकर तो लगे ही नही हैं -- बस निश्चिंत होकर यहाँ दिये पाठ पढो, कुंजीपटल देखो और सीखो यह युक्ति।

पहले दो मिनटोंमें सीखो बीस अक्षर
कख-गघ --- सामान्य कुंजीपटलके अंग्रेजी अक्षर K-I की जोडी देखो। यही कख और गघ हैं।
तथ- दध --- अगली दो कुंजियाँ L-O हैं जो तथ, दध के लिये हैं,
चछ- जझ --- अगली चछ,जझ की
टठ -डढ --- और उससे अगली टठ डढ की।
र ह --- क के बाँई ओर JU की कुंजीसे र-ह लिखते हैं और
पफ -बभ ---उससे बायें H-Y पर पफ, बभ हैं।
कुंजियोंकी ये जगहें समझकर आत्मसात् करनेको दो मिनट पर्याप्त हैं।
कठिन (भारी) अक्षरके लिये (अर्थात् खघ,थध,छझ,ठढ,फभ) शिफ्टके साथ कुंजी दबानी होगी।

अगले दो मिनटोंमें सीखो और बीस अक्षर

बाँईं ओर की पाँच कुंजी-जोडियों बाराखडी के दस स्वरोंके लिये हैं। इन्हे भी हमने पहली कक्षामें रटा था -- अआइईउऊएऐओऔअंअः

अ आ – अंग्रेजी अक्षर DE की जोडी
इ ई – FR की जोडी
उ ऊ – GT की जोडी
ए ऐ – SW की जोडी
ओ औ – AQ की जोडी
इनका क्रम ओऔ,एऐ,अआ,इई,उऊ रखा गया है क्योंकि इसमे सुविधा है। यहाँ अंग्रेजी अक्षर मैंने केवल पहली बार जगह बताने के लिये लिखे हैं, याद करने के लिये नही।
शिफ्टकुंजी के साथ लिखनेपर स्वतः स्वर लिखा जाता है परन्तु किसी व्यंजनकी मात्रा लगाने के लिये शिफ्ट कुंजी नही लगेगी।
इस प्रकार दस मात्राएँ तथा उन्हें लगाने का तरीका समझने के लिये अगले दो मिनट पर्याप्त हैं।

इन कुंजियोंको समझकर यदि हम प्रॅक्टिस करें --
काकी, चाची, दादी, ताई, ताऊ, बाबा, पापा, काका, चाचा, टाटा, दीदी -- तो इस कुंजी रचना की सरलता तत्काल मोह लेती है।
वैसे कुछ पाठ मैंने बनाये हैं जो तुकबंदी सहित हैं ताकि तुम उन्हें गाकर कंठस्थ कर लो।यहाँ उन्हें भी देख लो।







बचे अक्षरोंको एक बार ढूँढ कर समझ जा सकता है।
शिफ्टके साथ ५,६,७,८, अंकोंकी कुंजियोंसे ज्ञ त्र क्ष श्र तथा + की कुंजीसे ऋ लिखते हैं।
सबसे निचली पंक्ति में तिसरी कुंजीसे आरंभ कर म (शिफ्ट के साथ ण), न, व, ल (शिफ्ट के साथ मराठी, कन्नड आदि भाषाओंका ळ), स (शिफ्ट के साथ श), ष तथा अन्तिम कुंजीपर य (शिफ्ट के साथ बंगालीका दूसरा य) हैं।
ड से अगली कुंजी पर ञ है। शिफ्ट के साथ ह की कुंजीसे ङ लिखते हैं।
अनुस्वार के लिये अक्षर लिखने के बाद अंग्रेजी X की कुंजी लगाना। इसे शिफ्ट के साथ लगानेपर चंद्रबिंदु लगता है।
जरासे अभ्यास से ये याद हो जाते हैं।

संयुक्त अक्षर
संस्कृत के नियमानुसार व्यंजन में अ लगाकर उसे पूरा किया जाता है। जब कि यहाँ किसी भी कुंजीसे पूर्ण व्यंजन लिखा जाता है ताकि अ की मात्रा बारबार न लगानी पडे। अतः इस कुंजीपटलमें अ की कुंजी (Dअक्षर पर) लगानेपर वहाँ हलन्त लगता है और अगला व्यंजन उसमें जुड जाता है।
यदि लिखना हो क्रम तो क , हलन्त ,र ,म
परंतु कर्म लिखने के लिये क, र , हलन्त , म लिखा जायगा।
कृपा लिखनेके लिये क में ऋ की मात्रा (बिना शिप्ट के) और विसर्ग चिह्न के लिये शिफ्टके साथ - की कुंजी लगती है।
संगणक के सामने बैठकर लिखने लगो तो यह सब पढनेमें जितना समय लगता है उससे आधे समय में ही यह सब सीखा जाता है। नीचे शिफ्टकुंजी के बिना और शिफ्टकुंजी के साथवाले कीबोर्ड के चित्र अलग अलग दिखाये हैं।
















यदि संगणक ही परीक्षा में फेल गया तो तुम्हें उसकी मदद करनी पडेगी।
Regional and Language के मेन्यू में हिंदी न मिले तो उसे विण्डोजकी सीडी से लोड करना पडेगा। विण्डोज ऑपरेटिंग सिस्टम की सीडी में एक i386 फाईल होती है जिससे ये हिंदी फॉण्ट संगणककी समझ में आते हैं। यह फाइल विण्डोज की सीडी पर रखी होती है, लेकिन हर संगणक पर बाय डिफाल्ट लोड नही होती ।इसीलिये तुम्हें अलगसे डालनी पडेगी। यदि तुम्हारे पास सीडी न हो तो किसी दोस्तकी सीडीसे i386 फाईल को पेनड्राइव्ह पर ले आओ और उससे लोड करो।
तो बस सीखो हिंदी फटाफट और भेजो मुझे हिंदी ईमेल मेरा पता है -- leena.mehendale@gmail.com
यदि संभव हो तो इनस्क्रिप्ट सीखने का मेरा यह  विडियो भी देखो जो मैंने अपनी यूट्यूब sanskrittv पर रखा है।
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Tuesday, September 14, 2010

आरती का सुयश

आरती का सुयश as told by her father Mohan Tambe
Dear Leenaji,
Thanks for your kind remarks. Today the environment appears to be more conducive towards getting the Inscript keyboard used.
It was thoughtful of the organizers to gift me an Inscript Keyboard at the function. I immediately installed it on my 12 yr old daughter's computer. I had as such briefed her about Inscript earlier, but because of lack of letters on the keyboard, she never had come around to using it. Now, to my surprise, she not only did started typing away, but soon summoned up the courage to write an email in Hindi and send it to her school friends. The school friends were quite surprised and this new skill o Avanti, soon became the talk of the class.
Today, we have to get the Inscript keyboard as part of the computer curriculum. This way, the student's will discover the simplicity and scientific structure of their languages as compared to English. They will be able to learn touch-typing much more easily on Inscript rather than QWERTY, because the prior was designed with that in mind. They will be able to type in the uniform way for all the Indian languages, leading to national integration. Above all they will have the pride on their languages, which will ensure that they will continue to co-exist in the future.
All this will happen, with the small steps which we take today. Let us urge the Maharashtra schools, to adopt this - now that the CM is also for it. Let us make them discover the difference.
Regards
Mohan Tambe
P.S. I would like to have another copy of your book.( संगणकाची जादुई दुनिया)
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